एसाइक्लोविर 800 टेबलेट

 

एसाइक्लोविर 800 टेबलेट




एसाइक्लोविर का उपयोग चिकनपॉक्स, दाद, जननांगों (यौन अंगों), त्वचा, मस्तिष्क और श्लेष्मा झिल्ली (होंठ और मुंह) के हर्पीस वायरस संक्रमण और नवजात शिशुओं में व्यापक हर्पीस वायरस संक्रमण के लक्षणों के इलाज के लिए किया जाता है। एसाइक्लोविर का उपयोग बार-बार होने वाले जननांग दाद संक्रमण को रोकने के लिए भी किया जाता है।


एकिविर टेबलेट  डीटी के मुख्य इस्तेमाल-

1.   हर्पीज सिम्पलेक्स वायरस इन्फेक्शन ।

2.   चिकन पॉक्स (चेचक) ।

3.   हर्पीज लेबियलिस (होंठो के आस पास छाले पड़ना). 

4.   शिंगल्स ।

5.    जेनिटल हर्पीज़ इन्फेक्शन ।


एकिविर टेबलेट  डीटी के लाभ -


हर्पीज सिम्पलेक्स वायरस इन्फेक्शन

एकिविर 800 डीटी टेबलेट  एक एंटीवायरल दवा है.. यह शरीर में हर्पीज़ वायरस की वृद्धि और फैलाव को धीमा करता है. इससे हर्पीज का इलाज नहीं होगा और न ही इससे इन्फेक्शन दूसरों तक जाने से रुकेगा. हालांकि, यह घावों के ठीक होने की प्रकिया को तेज़ कर सकता है और यह टिंगलिंग, दर्द, जलन, खुजली जैसे लक्षणों को कम कर सकता है ।
            
     
चिकन पॉक्स (चेचक)-

एकिविर 800 डीटी टेबलेट  को चिकन पॉक्स (चेचक) के इलाज के लिए इस्तेमाल किया जाता है. . इसका अधिकतम लाभ उठाने के लिए इसे डॉक्टर द्वारा पर्ची में लिखे गए अनुसार लें. हालांकि, चिकन पॉक्स (चेचक) बेहद संक्रामक है.. अच्छी स्वच्छता का तरीका अपनाकर और बार-बार हाथ धोने से आप चिकन पॉक्स (चेचक) के प्रसार को रोकने में मदद कर सकते हैं. चिकन पॉक्स (चेचक) वाले लोगों से अपना एक्सपोज़र कम करें. अगर आपको पहले से ही चिकन पॉक्स (चेचक) है, तो अपने सभी फफोलों के सूखने और पपड़ी बनने तक घर पर रहें ।

हर्पीज लेबियलिस (होंठो के आस पास छाले पड़ना)-

हर्पीज लेबियलिस (होंठो के आस पास छाले पड़ना), जिसे सामान्य बोलचाल की भाषा में कोल्ड सोर के नाम से भी जाना जाता है, एक वायरल संक्रमण है जो मुख्यतः होठों को प्रभावित करता है. लक्षणों में आमतौर पर एक जलता दर्द शामिल होता है और जिसके बाद छोटे फफोले या छाले हो जाते हैं. पहला हमले में बुखार, गले में दर्द और बढ़े हुए लिम्फ नोड भी शामिल हो सकते हैं. एकिविर 800 डीटी टेबलेट , हर्पीज लेबियलिस (होंठो के आस पास छाले पड़ना) के उपचार को तेज़ करता है और घावों की पुनरावृति को रोक सकता है ।

शिंगल्स-

शिंगल्स एक वायरल संक्रमण है जिसके कारण दर्दनाक चकत्ते हो जाते हैं. एकिविर 800 डीटी टेबलेट , शिंगल्स के लंबाई और गंभीरता को कम कर सकता है. यह सबसे असरदार तब है जब इसे रैश शुरू होने के बाद जल्द से जल्द शुरू कर दिया जाए. इम्यून सिस्टम को स्वस्थ रखना शिंगल्स की रोकथाम का सबसे अच्छा तरीका है. अच्छी हाइजीन बनाए रखना शिंगल्स की रोकथाम का एक और तरीका है ।

जेनिटल हर्पीज़ इन्फेक्शन-

जेनिटल हर्पीज़ इन्फेक्शन एक सामान्य यौन संचरित संक्रमण है जिसमें जननांगों में दर्द तथा घाव होते हैं. यह पुरुषों और महिलाओं दोनों को प्रभावित कर सकता है. लक्षणों में दर्द, खुजली और जलन शामिल है. एकिविर 800 डीटी टेबलेट  लक्षणों का असरदार तरीके से इलाज करने में मदद करता है और संक्रमण को बढ़ने से भी रोकता है जिससे वायरस होता है ।


एकिविर टेबलेट  डीटी के साइड इफेक्ट -

इस दवा से होने वाले अधिकांश साइड इफेक्ट में डॉक्टर की सलाह लेने की ज़रूरत नहीं पड़ती है और नियमित रूप से दवा का सेवन करने से साइट इफेक्ट अपने आप समाप्त हो जाते हैं. अगर साइड इफ़ेक्ट बने रहते हैं या लक्षण बिगड़ने लगते हैं तो अपने डॉक्टर से सलाह लें ।

एकिविर के सामान्य साइड इफेक्ट निम्न है -

1.  सिर दर्द होना ।
2.   चक्कर आना ।
3.   उल्टी होना ।
4.    मिचली आना ।
5.    थकान होना ।
6.   बुखार ।
7.   पेट में दर्द ।


एकिविर टेबलेट  डीटी का इस्तेमाल कैसे करें ?

इस टेबलेट की खुराक और अनुपान की अवधि के लिए अपने डॉक्टर से सलाह लें. इसे खाने से पहले एक गिलास पानी में घोल लें । इस टेबलेट  को खाने के साथ या भूखे पेट भी ले सकते हैं, लेकिन बेहतर यह होगा कि इसे एक निश्चित  समय पर लिया जाए ।

एकिविर टेबलेट  डीटी किस प्रकार काम करता है?

एकिविर 800 डीटी टेबलेट  एक एंटीवायरल दवा है. यह मानव सेल में वायरस के गुणन की रोकथाम करता है. यह वायरस को नए वायरस बनाने से रोकता है और आपके इन्फेक्शन को ठीक करता है ।

सुरक्षा से सम्बंदित सलाह-

1.  एकिविर 800 डीटी टेबलेट  के साथ एल्‍कोहल का सेवन करना सुरक्षित है या नही ।. कृपया अपने डॉक्टर से सलाह लें.

2.   एकिविर 800 डीटी टेबलेट  को आमतौर पर गर्भावस्था के दौरान इस्तेमाल करने लिए सुरक्षि‍त माना जाता है. ।

3. स्तनपान के दौरान एकिविर 800 डीटी टेबलेट  का इस्तेमाल सुरक्षित है.  यह टेबलेट ज्यादा मात्रा मैं ब्रेस्टमिल्क में नहीं जाती है और बच्चे के लिए हानिकारक नहीं है ।

4.   किडनी की बीमारियों से पीड़ित मरीजों में एकिविर 800 डीटी टेबलेट  का इस्तेमाल सावधानी के साथ किया जाना चाहिए. एकिविर 800 डीटी टेबलेट  की खुराक में बदलाव की आवश्यकता हो सकती है. अपने डॉक्टर से सलाह लें ।
जब आप इस दवा का सेवन कर रहे हों, तब अच्छी मात्रा में पानी पीने की सलाह दी जाती है ।

5.   लिवर की बीमारियों से पीड़ित मरीजों में एकिविर 800 डीटी टेबलेट  का इस्तेमाल सावधानी से किया जाना चाहिए. इस टेबलेट  की खुराक में बदलाव की आवश्यकता हो सकती है.  अपने डॉक्टर से सलाह लें ।

कुछ खास बातें -

  • बेहतर महसूस होने के बावजूद भी इस टेबलेट की कोई खुराक ना छोड़ें और इलाज का कोर्स पूरा खत्म करें ।
  • इस टेबलेट के साथ इलाज के समय बहुत सारा पानी पीएं. यह डिहाइड्रेशन और किडनी को नुकसान से बचाने में मदद करता है ।
  • यदि आपको जेनिटल हर्पीज़ हैं, तो गर्भनिरोध के लिए कंडोम का इस्तेमाल करें और जब घाव मौजूद हों तब,यौन संपर्क से बचें. ।
  •  यदि आप गर्भवती हैं या गर्भ धारण की योजना बना रही हैं या स्तनपान कराती हैं तो अपने डॉक्टर को जरूर सूचित करें.।
                                                                                                                                                           सुझाव -    
                                                   
बिना डॉक्टर के सलाह के इस दवा का सेवन बिल्कुल भी न करें । सिर्फ दवा की जानकारी के आधार पर अपना व दुसरो का इलाज मत करें ।

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