ओफ़्लॉक्सासिन टेबलेट
ओफ़्लॉक्सासिन टेबलेट ये टेबलेट फ़्लोरोक्विनोलोन परिवार की एक एंटीबायोटिक दवा है जो विभिन्न जीवाणु संक्रमणों का प्रभावी ढंग से इलाज करती है । इसे सन 1990 में FDA द्वारा अनुमोदन प्राप्त हुआ। ओफ़्लॉक्सासिन फ़्लोरोक्विनोलोन वर्ग की एक दवा है जिसका उपयोग कई ग्राम-पॉजिटिव और ग्राम-नेगेटिव जीवाणु संक्रमण के इलाज के लिए किया जाता है। ओफ़्लॉक्सासिन का उपयोग - Ofloxacin का उपयोग जीवाण्विक संक्रमण में किया जाता है इसका इस्तेमाल त्वचा, नरम ऊतकों, मूत्र मार्ग, टॉन्सिल, साइनस, नाक, गला, श्वासनली, फेफड़ों (निमोनिया) और महिलाओं के जननांगो में होने वाले संक्रमण के इलाज में उपयोगी है |
Ofloxacin कैसे काम करता है?
Ofloxacin एक एंटीबायोटिक है। यह DNA प्रतिकृति को रोककर जीवाणुओं को नष्ट करने का काम करता है | Ofloxacin के साइड इफ़ेक्ट - ofloxacin को लेने से कभी कभी शरीर में साइड इफ़ेक्ट देखने को मिलते है जैसे -उबकाई , सिर दर्द, चक्कर आना, उल्टी, पेट में दर्द , दस्त आदि | मार्केट में ofloxacin कई नामो से बिकती है | जैसे ------- Zanocin Sun Pharmaceutical Ltd. Oflox Cipla ltd. Zenflox Mankind Pharmaceutical Ltd. ZO FDC Ltd. Oflomac Macleods Pharmaceutical Ltd. Oflin Zydus Pharmaceutical Ltd. ओफ़्लॉक्सासिन कैसे और कब लें?
ओफ़्लॉक्सासिन को भोजन करने के बाद या आधा खाली पेट भी ले सकते है |और इसे पानी के साथ लेना चाहिए। दवा को डॉक्टर द्वारा बताये जाने के बाद हर दिन एक ही समय पर या बताए अनुसार लेना जरूरी है। जब किसी को ओफ़्लॉक्सासिन दिया जाता है तो डॉक्टरों द्वारा खूब सारे तरल पदार्थ पीने की सलाह दी जाती है।
ओफ़्लॉक्सासिन की गोलियाँ तीन दिन से छह सप्ताह तक की अवधि के लिए निर्धारित की जाती हैं। दो खुराक के बीच 12 घंटे का अंतर रखना बेहतर है। पहली खुराक लेने के बाद आप बेहतर महसूस करेंगे। लेकिन अगर आप को लक्षणों में कोई सुधार नहीं दिखता है , तो आपको तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। दवा लें और कोर्स पूरा करें, भले ही आपको इसकी कुछ खुराक लेने के बाद बेहतर महसूस हो। यदि दवा का कोर्स पूरा नहीं हुआ तो बैक्टीरिया प्रतिरोधी हो जाते हैं और संक्रमण बार-बार होने लगता है। इसलिए इस दवा को हमेशा सावधानी पूर्वक लेना आवश्यक है | ओफ़्लॉक्सासिन लेते समय क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?
यदि आपको ओफ़्लॉक्सासिन लेने के लिए कहा गया है तो आपको निम्नलिखित स्थितियों में सावधान रहना चाहिए|
सिप्रोफ्लोक्सासिन, जेमीफ्लोक्सासिन, लेवोफ्लोक्सासिन आदि से एलर्ज़ी है तो ये दवा न ले |
कोई अन्य दवाएँ, विटामिन की गोली, हर्बल उत्पाद लेना।
रक्त को पतला करने वाली दवाएं जैसे वारफारिन, एंटीडिप्रेसेंट, एंटीसाइकोटिक्स, इंसुलिन और डायबिटीज के इलाज के लिए अन्य दवाएं जैसे ग्लिमेपाइराइड, क्लोरप्रोपामाइड, टोलज़ामाइड, आदि और एंटी-इंफ्लेमेटरी दवाएं जैसे इबुप्रोफेन लेना।
आयरन,जिंक के साथ एंटासिड, सप्लीमेंट और मल्टीविटामिन अगर ले रहे हैं, फिर इन दवाओं को लेने से 2 घंटे पहले या 2 घंटे बाद ओफ़्लॉक्सासिन लें। अन्यथा साइड शरीर को नुकसान कर सकता है | हृदय रोगों से पीड़ित व्यक्ति को लम्बे समय तक इस दवा को न ले | यदि आप ओफ़्लॉक्सासिन की एक खुराक बीच में लेना भूल जाए तो क्या होगा?
आपको छूटी हुई खुराक याद आते ही तुरंत लेनी चाहिए, लेकिन अगर अगली खुराक लेने का समय लगभग हो गया है, तो नियमित रूप से दवा लेना जारी रखें और दोगुनी खुराक न लें। ओफ़्लॉक्सासिन की एक दिन में दो से अधिक खुराक कभी न ले |
यदि मैं ओफ़्लॉक्सासिन की अधिक मात्रा लूँ तो क्या होगा?
यदि आप ओफ़्लॉक्सासिन की अधिक मात्रा में ले तो उसके परिणामस्वरूप चक्कर आना, मतली, गर्म और ठंडी चमक, भ्रम, और चेहरे पर सुन्नता और सूजन हो सकती है। यदि आप को सांस लेने में परेशानी हो तो मरीज को नजदीकी अस्पताल ले जाना चाहिए। यदि आप ओफ़्लॉक्सासिन की अधिक मात्रा लेते हैं तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी जाती है।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें